खानपुर प्रखंड क्षेत्र के 19 पंचायतों में आवास सहायक,रोजगार सेवक,पंचायत सचिव एवं बिचौलियों के द्वारा पीएम आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर हो रही अवैध वसूली।
जॉब कार्ड व पीएम आवास योजना में नाम जोड़ने के लिए प्रति लाभुक से ले रहा एक हजार से दो हजार रुपया।
अर्जुन कुमार झा/समस्तीपुर:खानपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में इन दिनों प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ मनरेगा जॉब कार्ड बनाने के नाम पर खानपुर प्रखंड क्षेत्र के लाभुकों से अवैध उगाही करने की शिकायतें मिल रही है।वही बताते चले कि प्रखंड के क्षेत्र के अलग-अलग पंचायतों में योग्य लाभुकों को आवास योजना का लाभ मिल सके।इसके लिए क्षेत्र के योग्य लाभुकों का चयन किया जा रहा है।लेकिन आवास पर्यवेक्षक के अनुसार योग्य लाभुकों के चयन की जिम्मेदारी आवास सहायक,पंचायत सचिव और पंचायत रोजगार सेवक को दिया गया है।बताते चलें कि इन दिनों कई पंचायतों से आवास योजना के लाभुकों के चयन प्रक्रिया में धांधली बरतने का आरोप है।एक तरफ जहां कई पंचायतों में अयोग्य लाभुकों का भी चयन हो रहा है।वहीं दूसरी ओर कई लाभुकों से जॉब कार्ड बनाने एंव आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर बिचौलियों के द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें भी मिल रही है।लोगों का आरोप है कि वास्तविक एवं योग्य लाभुकों के द्वारा राशि देने में असमर्थता जताने पर उन्हें इस योजना का लाभ भविष्य में नहीं मिलने की बात कह कर बरगलाया जा रहा है।
बता दें कि खानपुर प्रखंड के कई पंचायतो के ग्रामीणों ने बताया कि जियो टैगिंग के नाम पर पीएम आवास सहायक सहित अन्य सर्वेयरों के बिचौलिये के द्वारा खुले आम पात्र एवं अपात्र लाभुकों से प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम जुड़वाने के नाम पर एक हजार से दो हजार रुपये लेकर बरगलाया जा रहा है।बताया गया कि जो लोग रुपये देने में असमर्थता जताते हैं उसका नाम नहीं जोड़ने की बात कहा जा रहा है।अगर जिला स्तर के अधिकारी इसकी जांच करें तो कई लोग का नाम सामने आ सकता है।वही जिला पार्षद स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि जॉब कार्ड एंव पीएम आवास योजना में एक हजार से दो हजार रूपया लेने की मुझे भी दर्जनों शिकायत मिली है।में जिला पदाधिकारी से मांग करती हूँ कि पीएम आवास योजना में नाम जोड़ने के लिये आवास सहायक व बिचौलियों के द्वारा जो लाभुक से अवैध वसूली की जा रही है।उसे जिला के किसी वरीय पदाधिकारी से जाँच कराने की मांग की है।ताकि अवैध वसूली पर रोक लग सके।इधर लाभुक इस बात के डर से कुछ भी खुलकर बोलने से कतराते हैं कि कहीं उनका नाम चयन सूची से हटा न दें।
वहीं बताते चले कि जिला पार्षद स्वर्णिमा सिंह ने यह भी बताया कि क्षेत्र में बिना पैसा लिए ना जॉब कार्ड बनता है ना पीएम आवास सूची में नाम नहीं जोड़ा जा रहा है।वहीं पूर्व बीससूत्री अध्यक्ष संजीब कुमार सिंह ने बताया कि जॉब कार्ड व प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम जोड़ने को लेकर सरकार द्वारा कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।इसके बावजूद भी नाजायज राशि की वसूली कर सरकार के नियमों के विपरीत सूची में नाम जोड़ने का खेल जारी है।वही लोजपा (R) के प्रखंड अध्यक्ष पिंटू सिंह ने बताया कि जॉब कार्ड व पीएम आवास सहायक एवं उनके बिचौलियों के द्वारा सूची में नाम जोड़ने के नाम पर एक हजार से दो हजार तक राशि की मांग की जा रही है।उन्होंने खानपुर बीडीओ से मांग किये है कि पीएम आवास योजना में नाम जोड़ने के लिये अवैध वसूली पर अविलम्ब रोक लगाने की मांग किये है।वहीं इस संबंध में पूछने पर बीडीओ विजय कुमार चन्द्रा ने बताया कि आवास योजना में नाम जोड़ने का अंतिम तिथि 31 मार्च तक निर्धारित है।उन्होंने बताया कि नाम जोड़ने के लिए कोई राशि नहीं ली जाती है।अगर कोई सरकारी कर्मचारी या बिचौलियो ने बरगला कर अवैध राशि की मांग करता है तो सीधे आप जिला में वैसे बिचौलिए या कर्मियों के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं।ताकि सरकारी कर्मी व बिचौलियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।