Chhapra: शहर के दर्शन नगर में अवस्थित विद्या भारती विद्यालय, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में प्रधानाचार्य फणीश्वर नाथ के दिशा निर्देश में शैक्षणिक सत्र 2025 – 26 का प्रारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा हुआ।
सनातन परंपरा के अनुसार गुरुवार को नवीन सत्र प्रारंभ करने के पहले विद्वत आचार्य अंकित कृष्ण शास्त्री (चित्रकूट धाम) एवं विद्वत आचार्य राकेश कुमार मिश्रा के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के माध्यम से पूजन – पाठ किया गया।
पूजन – पाठ के उपरांत आचार्य पंकज पांडेय, राजेश कुमार पाठक,योगेश त्रिपाठी तथा अन्य आचार्यों द्वारा सुंदर – कांड एवं भैया -बहन द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ कराया गया। वातावरण शुद्धि एवं भैया – बहन में सकारात्मक ऊर्जा भरने हेतु हवन किया गया।
इस अवसर पर वंदना सभा में प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार तथा सुरेश प्रसाद सिंह (सचिव, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति) द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। भैया -बहनों को संबोधित करते हुए सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि हवन कुंडों में जलने वाली सामग्री वातावरण को शुद्ध करती है और हम सबों के ध्यान को शांत एवं एकाग्रचित करने में सहायता प्रदान करती है।
उन्होंने भैया – बहनों एवं समस्त विद्यालय परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए नवीन सत्र का आह्वान किया। विज्ञान के वरिष्ठ आचार्य अनिल कुमार आजाद ने भैया- बहनों को संबोधित किया और इस सत्रारंभ को वैज्ञानिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक दिन भैया – बहनों को विद्यालय आने से पहले स्नान करके अपने घरों में पूजा – पाठ करके, अपने माता-पिता से आशीर्वाद लेकर आना चाहिए।
उन्होंने सत्रारंभ के परिपेक्ष्य में भैया- बहनों एवं विद्यालय परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं दी। ऊर्जान्वित एवं नये कलेवर में भैया – बहनों को कक्षा में वैदिक रीति से प्रवेश कराया गया। प्रवेश कराने के बाद कक्षाचार्य ने भैया – बहनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए वार्षिक कार्य योजना को बताया । इसके बाद पठन-पाठन प्रारंभ हो गया।